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Class 10 Hindi
Chapter 2

सपनों के से दिन

कक्षा दसवीं हिन्दी के कोर्स B संचयन पाठ 2 गुरदयाल सिंह द्वारा रचित कहानी 'सपनों के से दिन'

सपनों के-से दिन (सारांश)

सपनों के-से दिन (सारांश)
पाठ परिचय

गुरुदयाल सिंह द्वारा रचित यह आत्मकथात्मक पाठ उनके बचपन की खट्टी-मीठी यादों का झरोखा है। यह कहानी उस दौर के बच्चों के मनोविज्ञान, खेल-कूद, स्कूल जाने के डर और विशेष रूप से सख्त शिक्षकों (जैसे पी.टी. मास्टर) के आतंक का सजीव चित्रण करती है। यह बताता है कि वे कठिन दिन ही वास्तव में 'सपनों के से दिन' थे।

1. बचपन के खेल, धूल और चोटें

लेखक बताते हैं कि बचपन में सभी बच्चे एक जैसे होते थे। वे धूल-मिट्टी में खेलते, घुटने और टखने छिलवा लेते और कपड़े फाड़ लेते थे। घर पहुँचने पर माँ-बहनों से मार पड़ती थी, लेकिन वे इतनी जल्दी ठीक हो जाते थे कि अगले दिन फिर उसी जोश से खेलने पहुँच जाते थे। उस समय बच्चों की पढ़ाई में किसी की खास रुचि नहीं होती थी, अधिकतर परिवार अनपढ़ थे।

2. स्कूल जाने का डर और छुट्टियों का मज़्ज़ा

लेखक और उनके साथियों के लिए स्कूल जाना किसी कैदखाने से कम नहीं था। उन्हें सबसे ज़्यादा इंतज़ार गर्मी की छुट्टियों का रहता था। छुट्टियों में नानी के घर जाना, वहाँ खूब खाना-पीना और खेलना उन्हें बहुत पसंद था। जो बच्चे नानी के घर नहीं जा पाते थे, वे गाँव में ही तालाब में नहाकर और रेतीले टीलों पर खेलकर छुट्टियाँ बिताते थे।

3. छुट्टियों का होमवर्क (गृहकार्य)

छुट्टियों का एक बड़ा हिस्सा बीत जाने के बाद होमवर्क का डर सताने लगता था। वे हिसाब लगाते कि अगर रोज़ इतने सवाल करेंगे तो काम पूरा हो जाएगा। लेकिन खेल-कूद में समय बीत जाता था। अंत में, वे सोचते थे कि होमवर्क पूरा न करने पर मास्टरों की पिटाई खा लेना ज़्यादा 'सस्ते का सौदा' है, बजाय इसके कि बची हुई छुट्टियाँ काम करने में बिताई जाएँ।

4. मास्टर प्रीतम चंद और हेडमास्टर शर्मा जी

स्कूल में दो तरह के शिक्षक थे। एक तरफ हेडमास्टर शर्मा जी थे, जो बहुत शांत, विनम्र और बच्चों को प्यार करने वाले थे। दूसरी तरफ पी.टी. मास्टर प्रीतम चंद थे, जो बच्चों के लिए साक्षात 'यमराज' थे। वे छोटी सी गलती पर भी बहुत क्रूर सजा देते थे (जैसे 'खाल खींचना'), जिससे बच्चे थर-थर काँपते थे। बच्चे प्रार्थना सभा में सिर्फ पी.टी. सर के डर से ही सीधी लाइन में खड़े रहते थे।

5. पी.टी. सर की क्रूरता और निलंबन (Suspension)

एक दिन मास्टर प्रीतम चंद ने चौथी कक्षा के बच्चों को फारसी का शब्द रूप याद न करने पर बहुत कठोर सजा दी (मुर्गा बनाकर पीठ पर ईंटें रखना)। जब हेडमास्टर शर्मा जी ने यह देखा, तो वे बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने पी.टी. मास्टर को तुरंत मुअत्तल (Suspend) कर दिया। इसके बाद बच्चों ने राहत की साँस ली।

6. निष्कर्ष: वे सुनहरे दिन

बड़े होने पर लेखक को अहसास होता है कि बचपन के वे दिन, जिनमें स्कूल का डर और खेलने का जुनून था, वही वास्तव में जीवन के सबसे सुनहरे और 'सपनों के से दिन' थे।


कठिन शब्दार्थ

शब्दअर्थ
ओधड़-धो पड़नाबुरी तरह पीछे पड़ना / खूब डाँटना-मारना
मुअत्तल (Suspended)निलंबित करना / नौकरी से कुछ समय के लिए हटाना
खाल खींचनाबहुत बुरी तरह मारना-पीटना (कठोर दंड)
चवन्नीपच्चीस पैसे का सिक्का (पुराने समय में महत्वपूर्ण राशि)
सस्ते का सौदाआसान काम / कम नुकसान वाला विकल्प
कुएँ में बाँस डालनाभय के कारण अत्यंत सन्नाटा छा जाना
फराटे भरनाबहुत तेज़ दौड़ना
ठिठियाकर हँसनाज़ोर-ज़ोर से खिल्लियाँ उड़ाकर हँसना
ननिहालनानी का घर
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पाठ सार

इस वीडियो में कक्षा दसवीं हिन्दी के कोर्स B संचयन पाठ 2 गुरदयाल सिंह द्वारा रचित कहानी 'सपनों के से दिन' पाठ का सार सरल भाषा व संक्षेप में समझाया गया है ।

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Questions Answers

इस वीडियो में कक्षा दसवीं हिन्दी के कोर्स B संचयन पाठ 2 गुरदयाल सिंह द्वारा रचित कहानी 'सपनों के-से दिन' पाठ के अभ्यास प्रश्नों को करवाया गया है ।

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MCQs

इस वीडियो में कक्षा दसवीं हिन्दी के कोर्स B संचयन पाठ 2 गुरदयाल सिंह द्वारा रचित कहानी 'सपनों के-से दिन' पाठ के 40 अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पात्मक प्रश्नों को करवाया गया है ।

Textbook Questions
Q1: कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती- पाठ के किस अंश से यह सिद्ध होता है?
Ans: लेखक के स्कूल में आधे से अधिक साथी हरियाणा या राजस्थान से आए व्यापारिक परिवारों के थे। उनकी बोली लेखक की बोली से अलग थी और बचपन में वे एक-दूसरे की कुछ बातें नहीं समझ पाते थे। लेकिन खेलते समय उनकी भाषा कभी बाधा नहीं बनी। खेल की भावना और इशारों से वे एक-दूसरे को बखूबी समझ लेते थे। इससे सिद्ध होता है कि भाषा आपसी व्यवहार और मित्रता में दीवार नहीं बनती।
Q2: पी.टी. साहब की "शाबाश" फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी?
Ans: पी.टी. साहब (मास्टर प्रीतम चंद) अत्यंत कठोर और अनुशासनप्रिय व्यक्ति थे। वे कभी भी किसी बच्चे पर मुस्कुराते नहीं थे। ऐसे सख्त अध्यापक के मुँह से तारीफ सुनना लगभग असंभव था। इसलिए, जब स्काउटिंग परेड के दौरान वे खुश होकर "शाबाश" कहते, तो बच्चों को लगता कि उन्होंने कोई बहुत बड़ा किला जीत लिया है। वह दुर्लभ प्रशंसा उन्हें फौज के मेडल (तमगे) जैसी कीमती लगती थी।
Q3: नई श्रेणी में जाने और नई कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?
Ans: नई कक्षा में जाने का उत्साह तो होता था, लेकिन साथ ही लेखक को पुरानी किताबों से अजीब गंध आती थी जो उन्हें पिछली कक्षाओं के कठिन अनुभवों और मास्टरों की मार की याद दिलाती थी। उन्हें लगता था कि आगे की पढ़ाई और मुश्किल होगी और मास्टरों की पिटाई भी उसी अनुपात में बढ़ेगी। यह अज्ञात भय और पुरानी किताबों की उदास गंध उनके बालमन को भारी कर देती थी।
Q4: स्काउट परेड करते समय लेखक अपने को महत्वपूर्ण आदमी फ़ौजी जवान क्यों समझने लगता था?
Ans: लेखक जब धुली हुई साफ़ खाकी वर्दी, पॉलिश किए हुए बूट और जुराबें पहनकर स्काउट परेड में शामिल होते, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता था। जब वे लेफ्ट-राइट करते हुए चलते और पी.टी. सर की सीटी पर कदम मिलाते, तो उन्हें अपने भीतर एक फौजी जैसी अकड़ और गौरव महसूस होता था। उस समय वे खुद को एक साधारण स्कूली छात्र नहीं, बल्कि देश का एक महत्वपूर्ण सिपाही समझते थे।
Q5: हेडमास्टर शर्मा जी ने पी.टी. साहब को क्यों मुअत्तल कर दिया?
Ans: हेडमास्टर शर्मा जी स्वभाव से बहुत नम्र और दयालु इंसान थे। एक दिन जब उन्होंने देखा कि पी.टी. साहब ने चौथी कक्षा के मासूम बच्चों को क्रूर सजा दी है—उन्हें मुर्गा बनाकर उनकी पीठ पर ईंटें रखवा दी हैं—तो वे यह अमानवीय दृश्य सहन नहीं कर सके। बच्चों के प्रति ऐसी निर्दयता देखकर उन्हें बहुत क्रोध आया और उन्होंने तुरंत प्रभाव से पी.टी. साहब को स्कूल से निलंबित (मुअत्तल) कर दिया।
Q6: लेखक के अनुसार उन्हें स्कूल खुशी से भागे जाने की जगह न लगने पर भी कब और क्यों उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगने लगा?
Ans: लेखक को स्कूल जाना कभी भी खुशी का काम नहीं लगा क्योंकि वहाँ पढ़ाई का बोझ और मास्टरों का डर रहता था। लेकिन जब स्कूल में स्काउटिंग का अभ्यास शुरू होता था, तब उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगने लगता था। रंगीन झंडियाँ लेकर हवा में लहराना, गले में रूमाल बांधना और परेड करना उन्हें बहुत रोमांचित करता था।
Q7: लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति बहादुर बनने की कल्पना किया करता था?
Ans: लेखक छुट्टियों के शुरू में ही एक टाइम-टेबल बनाते थे कि रोज कितने सवाल करने हैं। लेकिन खेल-कूद में समय बीतता जाता और काम नहीं हो पाता। जब छुट्टियां कम बचतीं, तो वे ओमा (अपने दोस्त) की तरह बहादुर बनने की सोचते। ओमा का मानना था कि काम करने के बजाय मास्टरों की पिटाई खाना ज्यादा सस्ता सौदा है। लेखक भी इसी दर्शन को अपनाकर पिटाई के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाते थे।
Q8: पाठ में वर्णित घटनाओं के आधार पर पी.टी. सर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Ans: पी.टी. सर का चरित्र विरोधाभासी था:
1. कठोर और क्रूर: वे बच्चों को छोटी गलती पर भी अमानवीय सजा देते थे।
2. अनुशासनप्रिय: वे स्काउटिंग में अनुशासन का बहुत ध्यान रखते थे।
3. पशु-प्रेमी: जो इंसान बच्चों के प्रति इतना कठोर था, वही अपने घर में तोतों से मीठी बातें करता था और उन्हें बादाम खिलाता था।
Q9: विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं के संबंध में अपने विचार प्रकट कीजिए।
Ans: पाठ में अनुशासन के नाम पर "भय और शारीरिक दंड" का प्रयोग किया जाता था, जो पूरी तरह अमानवीय है। पी.टी. सर बच्चों की खाल उधेड़ने की बात करते थे।
वर्तमान समय में शिक्षा प्रणाली बदल चुकी है। आज शारीरिक दंड अपराध है। अब अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों को समझाना, प्रेरित करना और मनोवैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करना सही माना जाता है।
Extra Questions
Q10: हेडमास्टर शर्मा जी और पी.टी. मास्टर प्रीतम चंद के व्यक्तित्व में क्या अंतर था?
Ans: हेडमास्टर शर्मा जी और पी.टी. मास्टर का व्यक्तित्व विपरीत था।
1. शर्मा जी: वे शांत, नम्र और दयालु स्वभाव के थे। वे बच्चों को कभी मारते नहीं थे।
2. पी.टी. मास्टर: वे अत्यंत क्रूर, गुस्सैल और कठोर थे। बच्चों को पीटना और भयभीत करना उनकी आदत थी।
Q11: ओमा कौन था और लेखक उससे क्यों प्रभावित था?
Ans: ओमा लेखक का सहपाठी था जो पढ़ाई में कमजोर लेकिन मार खाने में निडर था। उसका सिर मटके जैसा बड़ा था। लेखक उससे इसलिए प्रभावित था क्योंकि ओमा के पास मास्टरों के डर का एक तोड़ था—"होमवर्क करने से अच्छा है मास्टर की छड़ी खा लेना"। लेखक को यह निडर रवैया बहुत साहसिक लगता था।
Q12: उस समय के अभिभावकों का खेलों के प्रति क्या दृष्टिकोण था?
Ans: उस समय के अभिभावक अनपढ़ थे और खेलों के महत्व को नहीं समझते थे। उनका मानना था कि खेल-कूद से समय बर्बाद होता है और कपड़े गंदे होते हैं। उनका नारा था "पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब"।
Q13: "सपनों के-से दिन" शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Ans: यह शीर्षक पूर्णतः सार्थक है। लेखक को अपने बचपन के वे दिन आज किसी मीठे सपने जैसे लगते हैं जो बीत चुके हैं। फटे हाल में भी खुश रहना, दोस्तों के साथ बेफिक्र खेलना और छोटी-छोटी खुशियों में दुनिया मिल जाना—यह सब एक सपने जैसा ही सुंदर है।
1. "सपनों के-से दिन" पाठ के लेखक कौन हैं?
A मिथिलेश्वर
B गुरुदयाल सिंह
C कमलेश्वर
D प्रेमचंद
Correct: B
यह पाठ पंजाबी लेखक गुरुदयाल सिंह की आत्मकथा का एक अंश है।
2. लेखक के बचपन में खेलते समय बच्चों की वेशभूषा कैसी होती थी?
A साफ़-सुथरे कपड़े और जूते
B फटे-मैले कपड़े और नंगे पाँव
C स्कूल यूनिफॉर्म
D रंगीन फैंसी कपड़े
Correct: B
लेखक बताते हैं कि सभी बच्चे फटे-मैले कपड़ों में, टूटे बटनों वाले कुर्ते और नंगे पाँव खेला करते थे।
3. खेलते समय चोट लगने पर घरवालों का व्यवहार कैसा होता था?
A दवा लगाते और प्यार करते
B डॉक्टर के पास ले जाते
C पिटाई करते और डांटते
D मिठाई खिलाते
Correct: C
चोट लगने पर सहानुभूति के बजाय बच्चों को माँ या बहनों से और मार पड़ती थी कि कपड़े फाड़ लाए या चोट लगा लाए।
4. लेखक के स्कूल की इमारत का आकार किस अंग्रेजी अक्षर जैसा था?
A L आकार
B U आकार
C H आकार
D O आकार
Correct: C
स्कूल की इमारत अंग्रेजी के अक्षर "H" के आकार की बनी थी।
5. स्कूल के हेडमास्टर साहब का क्या नाम था?
A श्री मदन मोहन
B श्री शर्मा जी
C श्री प्रीतम चंद
D श्री वर्मा जी
Correct: B
हेडमास्टर का नाम मदन मोहन शर्मा था, जो बहुत ही विनम्र स्वभाव के थे।
6. हेडमास्टर शर्मा जी बच्चों को कौन सा विषय पढ़ाते थे?
A गणित
B फारसी
C अंग्रेजी
D हिंदी
Correct: C
हेडमास्टर शर्मा जी ऊँची कक्षाओं (5वीं और 8वीं) को अंग्रेजी पढ़ाते थे।
7. पी.टी. मास्टर का पूरा नाम क्या था?
A प्रीतम चंद
B प्रेम चंद
C पूरन चंद
D प्रकाश चंद
Correct: A
पी.टी. मास्टर का नाम प्रीतम चंद था, जिनसे पूरा स्कूल डरता था।
8. पी.टी. मास्टर बच्चों को क्या सजा देते थे?
A मुर्गा बनाना
B कक्षा से बाहर निकालना
C हाथ ऊपर करवाना
D खाल उधेड़ना (बहुत बुरी तरह मारना)
Correct: D
यद्यपि वे मुर्गा भी बनाते थे, लेकिन उनकी पहचान "खाल उधेड़ने" (बहुत क्रूर दंड) वाली कठोरता के लिए थी।
9. लेखक को स्कूल में कौन सा काम सबसे अच्छा लगता था?
A कक्षा में पढ़ना
B स्काउटिंग की परेड करना
C छुट्टी की घंटी सुनना
D मास्टरों से बात करना
Correct: B
लेखक को केवल स्काउटिंग की परेड करना अच्छा लगता था क्योंकि तब वे खुद को फौजी समझते थे।
10. स्काउट परेड के दौरान लेखक को पी.टी. सर की "शाबाश" कैसी लगती थी?
A फौजी तमगे (मेडल) जैसी
B एक साधारण तारीफ
C मजाक जैसी
D डरावनी
Correct: A
पी.टी. सर कभी तारीफ नहीं करते थे, इसलिए उनकी "शाबाश" बच्चों के लिए मेडल जीतने जैसी बड़ी बात होती थी।
11. लेखक हर साल गर्मी की छुट्टियों में कहाँ जाते थे?
A बुआ के घर
B मामा के घर
C नानी के घर (ननिहाल)
D शिमला
Correct: C
लेखक हर साल गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के गाँव (ननिहाल) जाया करते थे।
12. नानी के घर लेखक को खाने में क्या मिलता था?
A पिज्जा और बर्गर
B दूध, दही, मक्खन और पंजीरी
C सूखी रोटी
D चावल
Correct: B
ननिहाल में लेखक को खूब दूध, दही और मक्खन खाने को मिलता था, जिससे वे तगड़े हो जाते थे।
13. छुट्टियों का काम पूरा न होने पर लेखक किस दोस्त की तरह बनने की सोचते थे?
A मोहन
B सोहन
C ओमा
D सुरिंदर
Correct: C
ओमा उनका वह दोस्त था जो होमवर्क न करने पर पिटना बेहतर समझता था। लेखक भी उसी के नक्शेकदम पर चलते थे।
14. ओमा के अनुसार "सस्ता सौदा" क्या था?
A छुट्टियों का काम करना
B किताबें खरीदना
C होमवर्क करने के बजाय मास्टर की पिटाई खाना
D स्कूल से भाग जाना
Correct: C
ओमा मानता था कि महीने भर होमवर्क की टेंशन लेने से अच्छा है कि 10-15 मिनट मास्टर की छड़ी खा लो, यह सस्ता सौदा है।
15. लेखक के समय में किताबें कैसे मिलती थीं?
A हर साल नई किताबें खरीदी जाती थीं
B स्कूल से मुफ्त मिलती थीं
C पुरानी (सेकंड हैंड) किताबें हेडमास्टर साहब ला देते थे
D वे किताबें पढ़ते ही नहीं थे
Correct: C
हेडमास्टर शर्मा जी एक अमीर परिवार के बच्चे की पुरानी किताबें लेखक के लिए ले आते थे, क्योंकि लेखक का परिवार नई किताबें नहीं खरीद सकता था।
16. पुरानी किताबों से लेखक को कैसी गंध आती थी?
A खुशबूदार
B उदासी और भय की विशेष गंध
C मसालों की गंध
D बारिश की गंध
Correct: B
पुरानी किताबों से उन्हें पिछली कक्षाओं के मास्टरों की मार और कठिनाई की याद आती थी, जिससे वे उदास हो जाते थे।
17. पी.टी. सर की वेशभूषा कैसी थी?
A धोती-कुर्ता
B खाकी वर्दी और पॉलिश किए बूट
C सूट-बूट
D पजामा-कुर्ता
Correct: B
वे हमेशा खाकी वर्दी, लंबी बूट और सिर पर पगड़ी पहनते थे।
18. पी.टी. सर की आँखें कैसी थीं?
A नीली और शांत
B काली और बड़ी
C शर्मिली
D गिद्ध जैसी नुकीली और डरावनी
Correct: D
लेखक ने उनकी आँखों की तुलना गिद्ध की आँखों से की है जो बच्चों को डरा देती थीं।
19. किस कक्षा में पी.टी. सर ने बच्चों को "फारसी" के शब्द-रूप याद न करने पर सजा दी?
A तीसरी
B चौथी
C पाचवीं
D छठी
Correct: B
यह घटना चौथी कक्षा (4th Class) की है जब वे फारसी पढ़ा रहे थे।
20. पी.टी. सर ने बच्चों को क्या सजा दी जिससे हेडमास्टर भड़क गए?
A बेंच पर खड़ा किया
B कक्षा से बाहर निकाला
C मुर्गा बनाकर पीठ पर ईंटें रखवा दीं
D धूप में खड़ा किया
Correct: C
उन्होंने बच्चों को मुर्गा बनाया और पीठ सीधी रखने के लिए उस पर ईंटें रखवा दीं, जो अत्यंत क्रूरता थी।
21. हेडमास्टर शर्मा जी ने पी.टी. सर को सजा के तौर पर क्या किया?
A नौकरी से निकाल दिया
B मुअत्तल (Suspend) कर दिया
C माफी मांगने को कहा
D वेतन काट लिया
Correct: B
हेडमास्टर जी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से मुअत्तल (Suspend) कर दिया और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी।
22. मुअत्तल होने के बाद पी.टी. सर अपना समय कैसे बिताते थे?
A रोते हुए
B नई नौकरी ढूंढते हुए
C बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हुए
D अपने तोतों को बादाम खिलाते हुए
Correct: D
स्कूल से निकाले जाने का उन्हें कोई दुख नहीं था, वे मजे से अपने पिंजरे में बंद तोतों से बातें करते और बादाम खिलाते थे।
23. पी.टी. सर तोतों को क्या खिलाते थे?
A मिर्च
B अमरूद
C भीगे हुए बादाम
D दाल
Correct: C
वे छिले हुए बादाम अपने हाथों से तोतों को खिलाते थे।
24. लेखक के अधिकतर सहपाठी किस क्षेत्र से आए परिवारों के थे?
A पंजाब और दिल्ली
B राजस्थान और हरियाणा
C उत्तर प्रदेश और बिहार
D गुजरात और महाराष्ट्र
Correct: B
उनके अधिकतर साथी मंडी में व्यापार करने आए राजस्थानी और हरियाणवी परिवारों के बच्चे थे।
25. पी.टी. सर के घर से क्या नाम मशहूर था?
A कोतवाल
B जल्लाद
C फौजी
D प्रीतम
Correct: A
उनके घर को बच्चे डर के मारे कुछ नहीं कहते थे, लेकिन उनका रौब ऐसा था जैसे कोई पुलिसिया हो।
26. स्काउटिंग की वर्दी में लेखक अपने आप को क्या समझते थे?
A पुलिस वाला
B फौजी जवान
C नेता
D खिलाड़ी
Correct: B
वे खुद को देश का एक महत्वपूर्ण फौजी जवान समझने लगते थे।
27. हेडमास्टर शर्मा जी ने पी.टी. सर के खिलाफ कार्यवाही के लिए किसको पत्र लिखा?
A शिक्षा मंत्री को
B पुलिस को
C महकमा-ए-तालीम (शिक्षा विभाग) के डायरेक्टर को
D सरपंच को
Correct: C
उन्होंने "महकमा-ए-तालीम" (Education Department) के डायरेक्टर को पत्र लिखकर पी.टी. सर की शिकायत की थी।
28. लेखक के अनुसार, बच्चों के लिए सबसे बड़ा "कसाई" कौन था?
A हेडमास्टर
B डॉक्टर
C पी.टी. मास्टर
D दूधवाला
Correct: C
बच्चे पी.टी. मास्टर को कसाई की तरह निर्दयी मानते थे।
29. छुट्टियों में लेखक नानी के घर दोपहर में कहाँ बिताते थे?
A कमरे में सोकर
B पेड़ के नीचे
C जोहड़ (तालाब) में नहाते हुए
D टीवी देखते हुए
Correct: C
वे अपने ननिहाल के दोस्तों के साथ दोपहर भर तालाब (जोहड़) में नहाते रहते थे।
30. कहानी का मूल उद्देश्य (Theme) क्या है?
A खेलकूद का महत्व बताना
B बाल मनोविज्ञान और तत्कालीन शिक्षा पद्धति का चित्रण
C फौज की तैयारी
D छुट्टियों का आनंद
Correct: B
यह कहानी बाल सुलभ चेष्टाओं, डर और उस समय की कठोर शिक्षा प्रणाली का सजीव चित्रण करती है।
31. स्कूल के शुरू और खत्म होने पर कितने कमरों में पढ़ाई होती थी?
A सभी 9 कमरों में
B सिर्फ हॉल में
C कुछ कमरों में पढ़ाई होती थी, बाकी बंद रहते थे
D पेड़ के नीचे
Correct: C
स्कूल में कमरे तो 9 थे, लेकिन पढ़ाई कुछ ही कमरों में होती थी, बाकी में सामान पड़ा रहता था या बंद रहते थे।
32. लेखक के परिवार की आर्थिक स्थिति कैसी थी?
A बहुत अमीर
B साधारण/निम्न मध्यम वर्गीय
C गरीब
D जमींदार
Correct: B
लेखक का परिवार नई किताबें नहीं खरीद सकता था, जो उनकी साधारण आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
33. ओमा का सिर कैसा था जिसके कारण उसे छेड़ा जाता था?
A छोटा और गोल
B मटके जैसा बड़ा (रेल बंबा)
C चौकोर
D लंबा
Correct: B
ओमा का सिर मटके जैसा बड़ा था, इसलिए लड़ाई में वह अपना सिर दूसरे के पेट में मार देता था।
34. छुट्टियों के आखिरी दिनों में लेखक को किस बात का डर सताने लगता था?
A स्कूल जाने का
B मास्टरों की मार और होमवर्क का
C दोस्तों से बिछड़ने का
D नानी के घर से जाने का
Correct: B
जैसे-जैसे छुट्टियाँ खत्म होतीं, बिना किया हुआ होमवर्क और मास्टरों की संभावित पिटाई का डर बढ़ने लगता था।
35. लेखक को नानी के गाँव में किस चीज़ से खास लगाव था?
A रेत और मिट्टी की गंध
B बाजार की मिठाई
C खिलौने
D नदी का पानी
Correct: A
नानी के गाँव की धूल और तालाब की मिट्टी की गंध उन्हें बहुत प्रिय थी।
36. पी.टी. सर किस जूते को पहनते थे?
A चप्पल
B पेशौरी (Peshawari) बूट
C स्नीकर्स
D सैंडल
Correct: B
वे ऊँची एड़ी वाले पेशौरी बूट पहनते थे, जिनके ठक-ठक की आवाज़ से बच्चे डर जाते थे।
37. पी.टी. सर के जूतों के नीचे क्या लगा होता था?
A लोहे की नाल (खुरियाँ)
B रबर सोल
C प्लास्टिक
D लकड़ी
Correct: A
जूतों के नीचे खुरियाँ (नाल) लगी होती थीं, जिससे चलने पर तेज आवाज़ आती थी।
38. मास्टर प्रीतम चंद बच्चों को किस भाषा के शब्द-रूप याद करने को देते थे?
A उर्दू
B पंजाबी
C फारसी
D अरबी
Correct: C
वे बच्चों को फारसी पढ़ाते थे और उसी के शब्द-रूप याद करने की सजा दी थी।
39. जब पी.टी. सर तोतों से बात करते थे, तो उनकी आँखों में क्या दिखाई देता था?
A वही क्रूरता
B संतोष और प्यार
C उदासी
D गुस्सा
Correct: B
तोतों के साथ उनका व्यवहार एकदम बदल जाता था, उनकी आँखों में प्यार और संतोष झलकता था।
40. स्कूल में प्रार्थना (Prayer) के समय पी.टी. सर किस मुद्रा में खड़े रहते थे?
A विश्राम
B सावधान (Attention)
C बैठकर
D घूमते हुए
Correct: B
प्रार्थना के समय वे बिल्कुल सावधान की मुद्रा में खड़े होकर बच्चों पर नज़र रखते थे कि कोई हिल तो नहीं रहा।
41. मास्टर प्रीतम चंद का कद-काठी कैसा था?
A दुबले-पतले और लंबे
B ठिगने, गठीले और मजबूत
C बहुत मोटे
D कमजोर
Correct: B
वे ठिगने कद के लेकिन गठीले शरीर वाले मजबूत इंसान थे, जिनका चेहरा चेचक के दागों से भरा था।
42. लेखक को अपने बचपन के खेल-कूद की यादें किस मौसम से जुड़ी लगती थीं?
A सर्दी
B बरसात
C पतझड़
D गर्मी
Correct: D
कहानी में गर्मी की छुट्टियों और तपती दोपहर में खेलने का जिक्र बार-बार आता है।
43. जब लेखक की माँ उन्हें नहलाती थीं, तो उन्हें किस बात से तकलीफ होती थी?
A ठंडे पानी से
B साबुन आँखों में जाने से
C गाढ़ी और कसकर रगड़ने से
D कपड़े पहनाने से
Correct: C
माँ उन्हें नहलाते समय इतनी जोर से रगड़ती थीं कि उनकी त्वचा लाल हो जाती थी, जिससे उन्हें बहुत पीड़ा होती थी।
44. ओमा की लड़ाई करने की तकनीक क्या थी?
A हाथों से मारना
B पैरों से मारना
C सिर से टक्कर मारना (Rail Bamba)
D दाँत से काटना
Correct: C
वह अपना बड़ा सिर (जिसे रेल बंबा कहते थे) दुश्मन के पेट में मारकर उसे गिरा देता था।
45. हेडमास्टर शर्मा जी का कार्यालय (Office) कहाँ था?
A स्कूल के गेट पर
B ऊपरी मंजिल पर
C हॉल के पास
D स्कूल के बीचों-बीच
Correct: A
उनका कमरा संभवतः उस जगह था जहाँ से वे पी.टी. सर की क्रूरता (सजा) को देख पाए, अक्सर हेडमास्टर का कमरा मुख्य स्थान पर होता है।
46. लेखक के अनुसार, बचपन में घास अधिक हरी और फूल अधिक मनमोहक क्यों लगते थे?
A प्रदूषण कम था
B बालमन की सकारात्मकता और खुशबू के कारण
C मौसम अच्छा था
D माली देखभाल करता था
Correct: B
लेखक कहते हैं कि बचपन में हर चीज़ सजीव और खुशबूदार लगती थी, शायद यह बालमन का नजरिया था।
47. हेडमास्टर शर्मा जी ने पी.टी. सर को मुअत्तल करने के बाद क्या किया?
A वे घर चले गए
B वे रोने लगे
C उन्होंने पी.टी. सर को समझाया
D वे गुस्से में अपने कमरे में चले गए
Correct: D
सजा रुकवाने के बाद वे गुस्से से कांपते हुए अपने कमरे (दफ्तर) की ओर चले गए।
48. पी.टी. सर को मुअत्तल करने का आदेश किसने दिया?
A जिला शिक्षा अधिकारी ने
B हेडमास्टर मदन मोहन शर्मा ने
C सरपंच ने
D बच्चों के माता-पिता ने
Correct: B
यह निर्णय हेडमास्टर शर्मा जी ने त्वरित रूप से लिया था।
49. लेखक को बचपन में "अफसरी" का अनुभव कब होता था?
A पढ़ाई करते समय
B नए कपड़े पहनकर
C स्काउटिंग की वर्दी पहनकर परेड करते समय
D साइकिल चलाते समय
Correct: C
खाकी वर्दी और बूट पहनकर जब वे परेड करते, तो उन्हें लगता कि वे कोई बड़े अफसर या फौजी हैं।
50. पाठ के अंत में लेखक किस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं?
A कि स्कूल बहुत बुरी जगह थी
B कि बचपन के दिन सचमुच सुहावने और बेफिक्र थे
C कि पी.टी. सर सही थे
D कि पढ़ाई नहीं करनी चाहिए
Correct: B
लेखक मानते हैं कि तमाम डर और अभावों के बावजूद, बचपन के वे दिन सपनों जैसे सुंदर थे।
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CBSE 2019
Q1: पी.टी. मास्टर की किस बात ने हेडमास्टर जी को इतना नाराज कर दिया कि उन्होंने उन्हें मुअत्तल कर दिया?
Ans: पी.टी. मास्टर प्रीतम चंद ने फारसी की कक्षा में बच्चों को शब्द-रूप याद न कर पाने पर क्रूर सजा दी थी (मुर्गा बनाकर पीठ पर ईंटें रखवाना)। जब हेडमास्टर शर्मा जी ने छोटे बच्चों को इस कष्टदायक स्थिति में देखा, तो उनका धैर्य टूट गया और उन्होंने पी.टी. सर को तत्काल मुअत्तल कर दिया।
CBSE 2018
Q2: लेखक के बचपन में बच्चों के प्रति माता-पिता और शिक्षकों का व्यवहार कैसा था? आज की स्थिति से तुलना कीजिए।
Ans: लेखक के बचपन में माता-पिता खेलों के विरोधी थे और शिक्षक अत्यधिक कठोर दंड देते थे। बच्चों की भावनाओं को कम समझा जाता था।
आज स्थिति बदल गई है। माता-पिता खेलों को प्रोत्साहन देते हैं और शिक्षक मित्रवत व्यवहार करते हैं। शारीरिक दंड अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
CBSE 2016
Q3: पी.टी. सर द्वारा तोतों को बादाम खिलाते देख लेखक को क्या अनुभूति हुई?
Ans: लेखक को यह देखकर घोर आश्चर्य हुआ। वे मान ही नहीं पा रहे थे कि जो इंसान बच्चों के लिए "राक्षस" समान है और बात-बात पर खाल उधेड़ता है, वह नन्हे पक्षियों से इतना प्रेम कैसे कर सकता है। यह कठोरता के भीतर छिपी कोमलता का दर्शन था।
CBSE 2020
Q4: "सपनों के-से दिन" पाठ के आधार पर बताइए कि बच्चों को खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता था?
Ans: अभिभावक अशिक्षित थे और खेलकूद को केवल समय की बर्बादी, कपड़े फाड़ने और चोट लगाने का कारण मानते थे। उन्हें लगता था कि खेलने से बच्चे बिगड़ जाएंगे और पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे।
Playing: Notes